
भारत में बचत की परंपरा रही है। लेकिन उचित फाइनेंशियल प्लानिंग के अभाव में यह बचत वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में नाकाफी होता है। आर्थिक लक्ष्यों में सबसे महत्वपूर्ण होता है बच्चों की पढ़ाई एवं देखभाल। लेकिन अक्सर लोग बच्चों के नाम पर की जाने वाली बचत को पारंपरिक इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं। टैक्स चुकाने के बाद इस निवेश पर रिटर्न बहुत कम मिलता है। कई बार तो यह महंगाई की तुलना में भी कम रहता है। लॉन्ग टर्म के लिए इक्विटी लिंक्ड इन्वेस्टमेंट अच्छे हैं। महंगाई को एडजस्ट करने के बाद इनमें रिटर्न ज्यादा मिलता है। बच्चों के लिए बचत उनके जन्म लेने के साथ ही शुरू कर दिया जाना चाहिए। समय के साथ बचत की रकम बढ़ानी चाहिए। कभी-कभार बचत का एडहॉक तरीका अपनाने के बजाय नियमित निवेश का अनुशासित तरीका अपनाना चाहिए। इससे बच्चों की पढ़ाई के लिए जरूरी खर्च की रकम जल्दी जमा हो जाती है।
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