
परिजनों ने बताया कि लता ने जब अपने दोनों बेटों को दूध पिला दिया तो अपने तीसरे बेटे अभिषेक और घर में साथ रहकर नाई का काम सीख रहे अपने भाई विशाल को भी दूध पीने को कहा। मगर इन दोनों ने ही दूध नहीं पिया और इससे उनकी जान बच गई। जब अभिषेक और विशाल ने दूध नहीं पिया तो रखा हुआ जहर मिला दूध बिल्ली पी गई। कुछ देर बाद ही बिल्ली की भी मौत हो गई। -मृतका लता का मायका देहात कोतवाली के गांव शेखपुरा कदीम में है। घटना की सूचना मिलते ही देर रात मायके वाले भी गांव और अस्पताल पहुंच गए थे। फिर वही लता को देहरादून के जौलीग्रांट में लेते गए। परिवार के लोग सदमे में हैं कि लता ने क्यों इतना बड़ा घातक कदम उठा लिया।
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