
भाजपा के रणनीतिकार अल्पमत सरकार के पक्ष में नहीं थे। लेकिन दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के अड़ने पर येद्दियुरप्पा ने शपथ ली। सूत्रों के मुताबिक चुनाव में अहम भूमिका में रहे राज्यसभा सदस्य राजीव चंद्रशेखर का मत था कि बहुमत का जुगाड़ जल्दी संभव नहीं है। पहले कांग्रेस-जेडीएस को सरकार बनाने दें। फ्लोर टेस्ट के लिए राज्यपाल उन्हें 10-15 दिन देंगे। उस दौरान विधायक तोड़कर कांग्रेस-जेडीएस सरकार गिरा सकते हैं। नहीं तो 5-6 माह में गठबंधन सरकार में विवाद जरूर होंगे। ऐसे में लोकसभा चुनाव के करीब कुमारस्वामी की सरकार गिरा सकते हैं। लेकिन शीर्ष नेतृत्व सरकार बनाना चाहता था। विधायक जुटाने का काम येद्दि के विरोधी सोमशेखर रेड्डी को सौंपा। लेकिन विपक्ष की घेराबंदी और सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने सारी रणनीति पर पानी फेर दिया। और तो और तुमकुर मठ के धर्मगुरु शिवकुमार स्वामी भी लिंगायत विधायकों से संपर्क नहीं कर पाए थे।
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